10 positive life-changing Bhagvat Geeta quotes in hindi

Bhagvat Geeta quotes in hindi, भगवत गीता का सार
भगवत गीता का सार bhagvat geeta quotes in hindi

( भगवत गीता का सार ) Bhagvat Geeta quotes in hindi me padhne ke liye hindi online jankari ke manch par aapka swagat hai|

भगवत गीता में सनातन धर्म की नीतियों का स्पष्ट वर्णन है। गीता में अठारह अध्याय और सात सौ श्लोक हैं।इसी ज्ञान रूपी महासागर की कुछ बूंदें सार के रूप में यहां प्रस्तुत की गई हैं। इन बूंदों को ग्रहण करके आप अपने जीवन को आशाओं से भरें और सुख एवं संपन्नता से परिपूर्ण जीवन जीयें।

महाभारत के युद्ध के समय कुरुक्षेत्र की रणभूमि में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिया है उन्हीं उपदेशों का संकलन है श्रीमद्भगवदगीता। असल में, यह उपदेशों का संकलन प्रश्न और उत्तर के रूप में है। अर्जुन कई प्रश्नवाचक चिन्हों के भंवर में फंसे हुए होते हैं और भगवान श्रीकृष्ण इन्हीं प्रश्नों का उत्तर देते हुए अर्जुन को इस चक्रव्यूह से बाहर निकालते हैं।

भगवत गीता ही है जो आधुनिक युग में समस्याओं से घिरे हुए मनुष्य को एक कर्मशील जीवन जीने के लिए प्रेरित करती है । गीता ऐसे प्रेरणादायक संदेशों का महासागर है जो जीवन से निराश मनुष्य को आशाओं से भर देती है। ठीक उसी प्रकार, जिस प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन की निराशाओं को दूर किया और उसे युद्ध लड़ने के लिए प्रेरित किया। आज की इस भागती दौड़ती ज़िन्दगी में मानव को, उसके मन को, उसकी आत्मा को अगर कोई शांत, स्थिर और प्रसन्नचित रख सकता है तो वह है।

” श्रीमद्भगवदगीता ”

 

Bhagvat Geeta quotes in hindi, भगवत गीता का सार
Bhagvat Geeta quotes in hindi, भगवत गीता का सार

Bhagvat Geeta quotes in hindi padhne ke saath saath sardar vallabhbhai patel ji ke anmol vichar padhen ke liye neeche diye gye link par click karen.


👉 -: motivational quotes by sardar vallabhbhai patel


Bhagvat Geeta quotes in hindi ( भगवत गीता का सार ) -:

Bhagvat Geeta quotes in hindi, भगवत गीता का सार
Bhagvat Geeta quotes in hindi, भगवत गीता का सार
  • मनुष्य को परिणाम की चिंता किए बिना, लोभ- लालच बिना एवं निस्वार्थ और निष्पक्ष होकर अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।
  • Manushya ko parinam ki chinta kiye bina, lobh – lalach bina avam niswaarth aur nishpaksh hokar apne kartavyon ka paalan karna chahiye.
  • मनुष्य को जीवन की चुनौतियों से भागना नहीं चाहिए और न ही भाग्य और ईश्वर की इच्छा जैसे बहानों का प्रयोग करना चाहिए।  
  • Manushya ko jeevan ki chunautiyon se bhagna nahin chahiye aur na hi bhagya aur iswar ki ichha jaise bahano ka prayog karna chahiye.
  • मनुष्य को अपने कर्मों के संभावित परिणामों से प्राप्त होने वाली विजय या पराजय, लाभ या हानि, प्रसन्नता या दुःख इत्यादि के बारे में सोच कर चिंता से ग्रसित नहीं होना चाहिए।
  • Manushya ko apne karmon ke sambhavit parinaamon se prapt hone wali vijay ya praajay, labh ya hani, prasannata ya dukh itiyadi ke bare me soch kar chinta se grasit nahin hona chahiye.    
  • मानव कल्याण ही भगवत गीता का प्रमुख उद्देश्य है। इसलिए मनुष्य को अपने कर्तव्यों का पालन करते समय मानव कल्याण को प्राथमिकता देना चाहिए।
  • Manav Kalyan hi Bhagavad Gita ka pramukh udheshya hai. Isliye manushya ko apne kartavyon ka paalan karte samay Manav Kalyan ko prathmikta dena chahiye.
  • मनुष्य का मन इन्द्रियों के चक्रव्यूह के कारण भ्रमित रहता है। जो वासना, लालच, आलस्य जैसी बुरी आदतों से ग्रसित हो जाता है। इसलिए मनुष्य का अपने मन एवं आत्मा पर पूर्ण नियंत्रण होना चाहिए।
  • Manushya ka man indriyon ke Chakravyuh ke kaaran bhramit rehta hai. Jo vasna, laalach, aalashya jaisi buri aadaton se grasit ho jata hai. Isliye manushya ka apne man avam aatma par poorn niyantran hona chahiye.
  • मनुष्य को अपने धर्म के अनुसार कर्म करना चाहिए।जैसे – विद्यार्थी का धर्म विद्या प्राप्त करना, सैनिक का धर्म देश की रक्षा करना आदि। जिस मानव का जो कर्तव्य है उसे वह कर्तव्य पूर्ण करना चाहिए।
  • Manushya ko apne dharm ke anusaar karm karna chahiye. Jaise – vidhyarthi ka dharm vidhya prapt karna, sainik ka dharm desh ki raksha karna aadi. Jis Manav ka jo kartvya hai use vah kartavya poorn karna chahiye.
  • श्रेष्ठ पुरुष को सदैव अपने पद और गरिमा के अनुरूप कार्य करने चाहिए। क्योंकि श्रेष्ठ पुरुष जैसा व्यवहार करेंगे, तो इन्हीं आदर्शों के अनुरूप सामान्य पुरुष भी वैसा ही व्यवहार करेंगे।
  • Shrestha purush ko sadaiva apne padh aur garima ke anuroop karya karne chahiye. Kyonki shrestha purush jaisa vyavhar karenge, to inhi aadarshon ke anuroop samanya purush bhi waisa hi vyavhar karenge.
  • जो मनुष्य जिस प्रकार से ईश्वर का स्मरण करता है उसी के अनुसार ईश्वर उसे फल देते हैं। कंस ने श्रीकृष्ण को सदैव मृत्यु के लिए स्मरण किया तो श्रीकृष्ण ने भी कंस को मृत्यु प्रदान की। अतः परमात्मा को उसी रूप में स्मरण करना चाहिए जिस रूप में मानव उन्हें पाना चाहता है।
  • Jo manushya jis prakar se iswar ka smaran krta hai usi ke anusaar iswar use fal dete hain. Kansa ne Shri Krishna ko sadaiva mrityu ke liye smaran kiya to Shri Krishna ne bhi kansa ko mrityu pradaan ki. Atah parmatma ko usi roop me smaran karna chahiye jis roop me Manav unhe pana chahta hai.
Bhagvat Geeta quotes in hindi, भगवत गीता का सार
Bhagvat Geeta quotes in hindi, भगवत गीता का सार


hindi online jankari ke manch par Bhagvat Geeta quotes in hindi ( भगवत गीता का सार ) padhne ke liye aapka bahut bahut dhanyvaad. Bhagvat Geeta quotes in hindi ke lekh me agar kisi bhi prakar ki koi galti ho to kripya comment kar ke jarur batayen.

other than Bhagvat Geeta quotes in hindi Click on the link to read some other articles from hindi online jankari -:

👉 -: mp gk

poems of ramdhari singh dinkar

1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.