भारत में अनेकों कानून और विधियां हैं जो देश की सुरक्षा और व्यवस्था को संरक्षित रखने का कार्य करती हैं। इनमें से एक विशेष कानून है "अफस्पा कानून / AFSPA Act"

AFSPA Act In Hindi अफस्पा कानून क्या है?

हिन्दी ऑनलाइन जानकारी के मंच पर आज हम जानेंगे What Is AFSPA Act In Hindi, अफस्पा कानून क्या है?, Armed Forces Special Powers Act In Hindi.

भारत में अनेकों कानून और विधियां हैं जो देश की सुरक्षा और व्यवस्था को संरक्षित रखने का कार्य करती हैं। इनमें से एक विशेष कानून है “अफस्पा कानून / AFSPA Act” जिसे आपको जानने की आवश्यकता है। अफस्पा का पूरा नाम है ‘Armed Forces Special Powers Act’ (सशस्त्र बल (विशेष शक्तियाँ) अधिनियम)। यह कानून 1958 में भारतीय संसद द्वारा पारित किया गया था। यह कानून भारतीय सेना और अन्य सशस्त्र बलों को आतंकवाद और युद्ध स्थितियों के साथ निपटने की शक्ति प्रदान करता है।

अफस्पा कानून क्या है ? What Is AFSPA Act In Hindi

अफस्पा (Armed Forces Special Powers Act) एक भारतीय कानून है जो भारत के कुछ विशेष राज्यों में लागू होता है। इस कानून के तहत, सशस्त्र बलों को कुछ विशेष अधिकार और शक्तियां प्रदान की जाती हैं ताकि वे आपातकालीन स्थितियों में नियंत्रण बनाए रख सकें। यह कानून पहली बार ब्रिटिश शासन के समय में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिये 1942 में लागू किया गया था, लेकिन भारत स्वतंत्र होने के बाद इसे वर्ष 1958 में दोबारा लागू किया गया।

इसे शुरू में सशस्त्र बल (असम और मणिपुर) विशेष अधिकार अधिनियम, 1958 के रूप में जाना जाता था। अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिज़ोरम और नगालैंड राज्यों के अस्तित्व में आने के बाद अधिनियम को इन राज्यों पर भी लागू करने के लिये अनुकूलित किया गया।

इस कानून का इस्तेमाल भारत के कई राज्यों में किया गया है, जिनमें जम्मू और कश्मीर, असम, मेघालय, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड शामिल हैं। इस कानून के तहत लाखों लोगों को घरों से निकाल दिया गया है और सैकड़ों लोगों को मारा गया है। अफस्पा कानून को मानवाधिकार के उल्लंघन के लिए भी जिम्मेदार ठहराया गया है।

अफस्पा Act के समर्थकों का कहना है कि यह कानून देश की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। उनका कहना है कि यह कानून आतंकवाद और विद्रोह को रोकने में मदद करता है। इस कानून के विरोधियों का कहना है कि यह कानून एक अत्याचारी कानून है और इसका इस्तेमाल लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने के लिए किया जाता है। उनका कहना है कि इस कानून को तुरंत रद्द कर दिया जाना चाहिए।

अफस्पा के तहत जवानों को निम्नलिखित अधिकार और शक्तियां होती हैं। :

विशेष शक्ति अधिकार : इस कानून के तहत आपातकालीन क्षेत्रों में, सशस्त्र बल व्यक्तियों को बिना विचारे दंडाधिकारी के आदेश के बिना किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने की अनुमति होती है।

घरों में छापा मारने की अनुमति : अफस्पा के तहत, बलों को आपातकालीन क्षेत्रों में किसी भी घर में छापा मारने की अनुमति होती है, यानी बिना व्यक्ति के संम्बंधी विचारे उनके निजी स्थानों में प्रवेश किया जा सकता है।

शूट-टू-किल : यदि एक सशस्त्र बल व्यक्ति को लगता है कि किसी व्यक्ति ने आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का प्रयास किया है या कर रहा है, तो उसे उस व्यक्ति को गोली मारने का अधिकार होता है। इसे “शूट-टू-किल” के नाम से जाना जाता है।

अफस्पा कानून का विरोध क्यों किया जाता है ?

यह कानून बहुत समय से कुछ विवादों में रहा है और कुछ लोगों के मुताबिक इसका दुरूपयोग होता है, जिससे मानवाधिकारों की चोट पहुंच सकती है। वहीं, अन्य लोग इसे एक आवश्यक क़दम बताते हैं जो आपातकालीन स्थितियों में राज्य को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है।

इस कानून का विरोध कई कारणों से किया जाता है। कुछ लोगों का मानना है कि यह कानून मनमाना और अत्याचारी है। वे कहते हैं कि इस कानून का इस्तेमाल सेना द्वारा लोगों के अधिकारों का उल्लंघन करने के लिए किया जाता है। कुछ लोगों का मानना है कि यह कानून शांति और सुरक्षा को बढ़ावा नहीं देता है, बल्कि इसे और बिगाड़ता है।

उद्देश्य

अफस्पा कानून का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को संरक्षित रखना है। इसके तहत, सेना को विशेष शक्तियां दी गई हैं जो आतंकी गतिविधियों और विद्रोह को नियंत्रित करने के लिए उपयोग की जा सकती हैं। यह कानून अशांति की स्थितियों में शांति और क़ानून व्यवस्था स्थापित करने के लिए विशेष शक्तियां उपलब्ध कराता है। इस कानून का प्रावधान विद्रोह क्षेत्र में फ़ौजी सत्ता को सुरक्षित करने के लिए राज्य सरकार को योग्यता देता है।

इस कानून के अनुसार, अफस्पा क्षेत्र में सेना को विशेष शक्तियां और पूर्ण अधिकार प्राप्त होते हैं। सेना नियंत्रण के तहत कार्रवाई कर सकती है, जैसे कि आपातकालीन व्यवस्था लागू करना, न्यायिक अदालतों को प्रभावशाली बनाना और संघर्ष क्षेत्र में जांच आयोजित करना। अफस्पा के तहत सेना को शक्ति और पूर्ण अधिकार हैं, लेकिन यह इसे सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी बनाता है कि वह इन शक्तियों का गलत या अवधारणा में नहीं उपयोग करती है।

हालांकि, अफस्पा Act को विवादों से घिरा हुआ माना जाता है। कुछ लोगों के मुताबिक इसका उपयोग मानवाधिकारों की हनन का कारण बन सकता है। कुछ मामलों में, सेना के जवानों को आतंकवादियों और मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वालों की तरफ से दुर्व्यवहार होने का आरोप लगाया जाता है। इसके बावजूद, अफस्पा को बदलने या समाप्त करने के लिए विभिन्न विचारधाराएं भी प्रस्तावित की गई हैं, लेकिन यह विषय विवादों का केंद्र रहता है।

अफस्पा कानून की समीक्षा करते हुए, हमें ध्यान रखना चाहिए कि यह देश की सुरक्षा और संयमितता के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण क़ानून है। आतंकवाद और विद्रोह जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करने में सेना को संघर्ष करने के लिए उपकरण प्रदान किया जाना चाहिए, और इसका उपयोग भारत की सबसे मुश्किल और संवेदनशील परिस्थितियों में ही करना चाहिए। इसके साथ ही, सेना को संविधान में दिए गए मानवाधिकारों और न्यायिक उपायों का पालन करने की भी जिम्मेदारी है।

अफस्पा कानून के बारे में कुछ तथ्य

  • पहली बार 1958 में लागू किया गया था।
  • जम्मू और कश्मीर, पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लागू किया गया है।
  • इस के तहत सेना को आतंकवाद और अन्य आपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए विशेष शक्तियां दी गई हैं।
  • इस कानून का विरोध कई कारणों से किया जाता है।
  • इस को लेकर कई बार सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी गई है।

प्रमुख प्रावधान

  • सरकार को किसी भी क्षेत्र को “सुरक्षित क्षेत्र” घोषित करने का अधिकार है।
  • एक सुरक्षित क्षेत्र में सेना को बिना किसी गिरफ्तारी वारंट के लोगों को गिरफ्तार करने, उनकी संपत्ति को जब्त करने और उन्हें बिना किसी मुकदमे के हिरासत में रखने का अधिकार है।
  • सरकार को सुरक्षित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति या समूह के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार है।
  • सरकार को सुरक्षित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति या समूह के खिलाफ नागरिक प्रक्रियाओं को निलंबित करने का अधिकार है।

भविष्य

अफस्पा Act का भविष्य अभी भी अनिश्चित है। कुछ लोगों का मानना है कि इस कानून को रद्द कर दिया जाना चाहिए, जबकि कुछ लोगों का मानना है कि इस कानून को संशोधित किया जाना चाहिए। अफस्पा कानून के बारे में अंतिम निर्णय भारत सरकार को लेना होगा।

सारांशतः, अफस्पा कानून एक सशक्त विधान है जो भारतीय सेना को विशेष शक्तियों के साथ संघर्ष करने की अनुमति देता है। इसका उपयोग समर्थन और सावधानी से होना चाहिए ताकि देश की सुरक्षा और संविधान की रक्षा हो सके। इसके संबंध में विवाद हो सकते हैं, लेकिन इसका समाधान संवेदनशीलता और सहजता से होना चाहिए ताकि भारतीय समाज को एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य मिल सके।

AFSPA Full Form

Armed Forces Special Powers Act

AFSPA Full Form In Hindi

सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम

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